सोनू सूद और डिलीटेड ट्वीट का रहस्य

[vc_row][vc_column][vc_column_text]सोनू सूद और डिलीटेड ट्वीट का रहस्य:

पिछले कुछ दिनों से सोनू सूद खूब सुर्ख़ियों में हैं, पहले अपने होटल को हेल्थकेयर वर्कर्स के लिए खोल दिया और फिर माईग्रेंट्स को उनके घरों तक भेजने के अपने अभियान को लेकर चर्चा में आये और ऐसे आये कि लोग मदद के लिए सरकार नहीं सोनू सूद की तरफ देखने लगे.

तमाम लोगों ने सोनू को केंद्र में रखकर सरकार को लपेटा, वहीँ कुछ उनके ऊपर भविष्य में किसी पार्टी में शामिल होने के अपने दावे के साथ नज़र आये, कुछ वो भी हैं जिन्होंने इनके ऊपर किसी ख़ास पार्टी के लिए बैटिंग का आरोप लगाया. पुराने आरोप भी सामने आये जिसमें प्रमुख तौर पर कोबरापोस्ट का स्टिंग ऑपरेशन था. 

आरोप 

इसी बीच एक बिलकुल अनोखा आरोप लगाया गया. सोनू सूद जिन लोगों को ट्विटर पर मदद का आश्वासन दे रहे हैं उनमें से कईयों के Tweets डिलीट हो गए हैं, और इसका निष्कर्ष यह निकाला गया कि सोनू सूद के हजारों लोगों की मदद करने के दावे हवा-हवाई हैं, यह सभी Tweets उनके PR एजेंसी वाले मैनेज कर रहे हैं और सच्चाई खुल न जाए इसलिए उसे डिलीट किया जा रहा है. इसके अलावा वो किसी एक खास वर्ग के लोगों की ही मदद कर रहे हैं तथा अल्पसंख्यकों को रिप्लाई नहीं दे रहे हैं जैसे भी आरोप लगे.

चूँकि सोनू सूद के कामों की सराहना करने में मैं भी एक था इसलिए मैं किसी PR एजेंसी के द्वारा बुद्धू तो नहीं बना दिया गया हूँ यह जांचने के लिए एक रिसर्च की और उन डिलीटेड ट्वीट का रहस्य जानने की कोशिश की.

उन डिलीटेड ट्वीट्स के बारे में बात करने से पहले हम यह जांचते हैं कि सोनू सूद ने प्रवासियों को उनके घर भेजने का निर्णय क्या तुरंत ले लिया था या यह क्रमशः चलने वाले अंतर्द्वंद का परिणाम था. जी नहीं! हम उनसे यह नहीं पूछने जा रहे बल्कि इसके लिए उनके किये ट्वीट्स को पुराने से नए की तरफ जोड़ते हैं और जानते हैं.

सोनू सूद के ट्वीटस का इतिहास 

कोरोना वायरस को लेकर उन्होंने अपना पहला ट्वीट 12 मार्च, 2020 को किया, जनता कर्फ्यू से 10 दिन पहले और 350 प्रवासी लोगों को मुंबई से कर्णाटक 11 मई को भेजा. इन दो महीनों के बीच में इन्होने क्या किया?

19 March, 2020: लोगों से जनता कर्फ्यू का पालन करने का आग्रह किया

23 March, 2020: लोगों के रोजगार जा सकते हैं या उनकी सैलरी कट सकती है पर अपनी चिंता जताई

24 March, 2020: पालतू जानवरों का क्या होगा? उनके खाने का क्या होगा पर अपनी चिंता व्यक्त की

26 March, 2020: इस दिन कई मजदूरों की वीडियोस आयीं जिसमें वो पैदल घरों को चल दिए थे. सोनू ने मदद की गुहार की.

28 March, 2020: सरकार से अपील की कि वो दिल्ली से अपने घर पैदल जा रहे हैं उनकी हेल्प करें, साथ ही पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के कामों की सराहना की

30 March, 2020: तेलांगना के मुख्यमंत्री KCR के उस बयान का विडियो चलाकर सच्चा नेता बताया जिसमें उन्होंने प्रवासियों का अपना हिस्सा बताया था और देखभाल की बात की थी.

9 April, 2020: सोनू ने अपने जुहू स्थित होटल को हेल्थकेयर वर्कर्स के लिए खोला

10 April: सोनू सूद ने अजीत ओझा को quote करते हुए ट्वीट किया है कि  “Pleasure is all mine brother let’s fight this battle against #COVIDー19 together”. [/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column width=”1/2″][us_single_image image=”309″ size=”full” align=”center” animate=”afb” animate_delay=”0.6″][/vc_column][vc_column width=”1/2″][vc_column_text]अजीत ओझा जो कि कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता हैं ने अपना यह ट्वीट डिलीट कर दिया है.

14 April, 2020: सोनू सूद ने 100 मजदूरी करने वाले लोगों को ट्रक भर कर सामान भिजवाया. यह सोनू का कोरोना के दौरान मजदूरों के लिए किया गया पहला काम था.

23 April, 2020: HT ने रिपोर्ट किया कि रमजान के दौरान सोनू, 25000 प्रवासी लोगों को खाना उपलभ्द करा रहे हैं.[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_column_text]4 May, 2020: सोनू ने ट्वीट करके कहा कि प्रवासी मजदूरों के लिए बस की व्यवस्था होनी चाहिए

7 May, 2020: को किये ट्वीट में सोनू कहते हैं कि “एक अभियान का समय है कि प्रवासियों को उनके मूल जगह पर भेजने की व्यवस्था की जाए, यह जरूर है कि स्टेप्स लिए गए हैं पर वो नाकाफी हैं, लोग हाईवे पर पैदल और भूखे हैं”

11 May, 2020: महाराष्ट्र और कर्णाटक की सरकार से परमिसन लेकर 350 प्रवासियों को उनके मूल स्थान पर भेजने के लिए 10 बसें चलायीं. यही मजदूरों को घर भेजने का लिया पहला स्टेप था जो अभी तक बरकरार है.

18 May, 2020: से प्रवासियों को घर भेजने के लिए अपना ट्विटर कैंपेन शुरू किया जो सुर्ख़ियों में है.[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_column_text]अब करते हैं डिलीटेड ट्वीट की बात:

एक  दो नहीं बल्कि कुल 74 ट्वीट डिलीट हुए हैं, इसमें प्रमुख ट्वीट्स की बात करेंगे जो डिलीट हुआ है, साथ ही इन आरोपों की भी पड़ताल करेंगे कि क्या वो लोगों को चुनते हुए भेदभाव कर रहे थे?

1. 18 मई को पुनीत रावत ने ट्वीट किया जिसके जवाब में सोनू ने उन्हें quote करते हुए लिखा कि वो अपना सामान पैक कर लें, उन्हें कोई संपर्क करेगा. रावत ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है, लेकिन उनके उसके बाद के ट्वीट्स से यह लगता है कि उन्हें संपर्क नहीं किया जा सका. वो सोनू सूद को लगातार ट्वीट करते रहे पर वो अपने घर जा पाए 3 जून को वो भी शायद खुद से व्यवस्था करके. हालाँकि सोनू की टीम ने 4 जून के लिए उनके लिए व्यवस्था की थी जिसका उन्होंने धन्यवाद दिया है.

यहाँ एक बात क्लियर हुई कि सोनू इतने तेज भी नहीं काम कर रहे हैं जितना दिख रहा है.[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column width=”1/2″][ultimate_carousel title_text_typography=”” slides_on_desk=”1″ slides_on_tabs=”1″ slides_on_mob=”1″][us_single_image image=”314″ size=”full” align=”center”][us_single_image image=”315″ size=”full” align=”center”][us_single_image image=”316″ size=”full” align=”center”][/ultimate_carousel][/vc_column][vc_column width=”1/2″][vc_column_text]2. अनमोल यादव @AnmolYadav13 ने अपना ट्वीट प्रोटेक्ट कर दिया है, जिस वजह से उनका ट्वीट सोनू के timeline से हट गई है.

3. कई लोगों ने अपनी सिर्फ वो ट्वीट डिलीट की है जिसमें सोनू ने उन्हें quote किया है, पर उसके पहले कई बार रिक्वेस्ट और उसके बाद धन्यवाद भी दिया है, यानी ऐसा नहीं है कि उन्होंने पहले दिन पहला ट्वीट किया और सोनू ने उनको रिप्लाई दे दिया है. इसके दो मायने हैं, पहला कि हर एक आदमी की मदद नहीं कर पा रहे हैं (जो कि संभव भी नहीं है)  और दूसरा कि लोगों के फोन/आधार नंबर सार्वजनिक हो गए थे, और उन्हें फोन आ रहे थे, जिस वजह से डिलीट कर दिया.[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column width=”1/2″][vc_column_text]मैं उनकी निजता का ध्यान रखते हुए यहाँ उन लोगों के नंबर सार्वजनिक नहीं कर रहा हूँ, पर आप अगर पत्रकार हैं और तह में जाना चाहते हैं तो मुझसे संपर्क करें , मैं आपको उन लोगों के नंबर उपलब्ध करा दूंगा जिन्होंने ट्वीट डिलीट किये हैं और अपना नंबर कहीं दुसरे tweets में छोड़ रखा है.
[/vc_column_text][/vc_column][vc_column width=”1/2″][us_single_image image=”318″ size=”full” align=”center”][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][us_single_image image=”320″ align=”center”][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_column_text]4. एक और रिपोर्ट में कुछ डिलीट करने वाले लोगों से बातचीत की गई है और कन्फर्म किया गया है कि मदद हुई है.

https://www.thelallantop.com/bherant/sonu-sood-why-migrant-workers-asking-for-help-from-bollywood-actor-deleted-their-tweet/
 

5. इक्का दुक्का मजाक के मामले भी आये हैं, जैसे लोगों ने उनके साथ मजाक किया है और बदले में उन्हें गालियाँ पड़ी हैं, और ट्वीट डिलीट करना पड़ा है. सारे tweets मदद वाले ही नहीं हैं जो डिलीट हुए हैं. बल्कि कुछ लोगों ने उन्हें अपनी तरफ से कुछ बना के तोहफे भेजे हैं. एक आर्टिस्ट सौरभ श्रीवास्तव, ने अपनी बनाई पेंटिंग दी, जिसे उन्होंने पसंद किया और फिर श्रीवास्तव जी ने ट्वीट डिलीट कर दी है. क्यूँ कि पता नहीं चल सका. कुछ ने गलती से भी डिलीट किया है जिसका उन्हें बड़ा अफ़सोस है. डिलीट के बाद के tweets से यह पता चला है.
[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column width=”1/2″][us_single_image image=”322″ size=”full” align=”center”][/vc_column][vc_column width=”1/2″][vc_column_text]6. 5-6  एकाउंट्स सस्पीसियस भी हैं, जिन्होंने अपने ट्वीट डिलीट किये हैं. उन्होंने क्या ट्वीट किया, क्यूँ ट्वीट किया, कुछ पता नहीं चल सका. कुछ ने 2019 के बाद पहली बार ट्वीट किया, फिर उसे भी डिलीट कर दिया. कुछ ने सिर्फ डिलीट करने के लिए ही ट्वीट किया था. क्यूंकि उनकी प्रोफाइल में जीरो ट्वीट है. इनके कारणों का पता नहीं चल सका.[/vc_column_text][ultimate_carousel title_text_typography=”” slides_on_desk=”1″ slides_on_tabs=”1″ slides_on_mob=”1″][us_single_image image=”323″ size=”full” align=”center”][us_single_image image=”324″ size=”full” align=”center”][/ultimate_carousel][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_column_text]अब इस से जाहिर होता है कि डिलीट करने का कोई एक कारण नहीं था, अलग अलग वजहें थीं, वहीँ कुछ बेहद सस्पीसीयास/फेक प्रोफाइल भी हैं, जिन्होंने ट्वीट किया और डिलीट कर दिया. उद्देश्य क्या था पता नहीं चल सका.

अब आते हैं कि क्या सोनू सूद ने धर्म/जाति/वर्ग/लिंग/विचारधारा देखकर लोगों का चुनाव किया है? 

जवाब है नहीं, सोनू ने तो लोगों के प्रोफाइल्स भी नहीं देखे कि उन्होंने पहले क्या tweets किये हैं. मैं होता तो देखता पर तब मैं गलत होता क्यूंकि महामारी के वक़्त आप अच्छे-बुरे लोगों/विचारधारा  का चुनाव करोगे तो आप गलत हो. सोनू सूद ने जिन लोगों को भी रिप्लाई किया है उनमें सभी धर्म, वर्ग, लिंग और विचारधारा के लोगों को रिप्लाई दिया है. यही नहीं एंटी सरकार बोलने वाले और सरकार के चाटुकारों, ऐसे लोगों को भी रिप्लाई दिया है. मैं बार बार रिप्लाई कह रहा हूँ क्यूंकि मैं कन्फर्म नहीं कर सकता कि मदद हुई है उनकी.
[/vc_column_text][us_single_image image=”326″ size=”full” align=”center”][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_column_text]निष्कर्ष 

सभी ट्वीट्स  को देखने के बाद मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि सोनू डिलीट वाले मामले में निर्दोष हैं, हाँ उतने तेज भी नहीं हैं जितना दावा है और कितनो को मदद मिली है, मैं नहीं कह सकता. कुछ ऐसे प्रोफाइल्स भी है जो कि जांच का विषय है पर उसके लिए सोनू को कठघरे में नहीं खड़ा कर सकते. [/vc_column_text][us_separator][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column width=”1/3″][us_single_image image=”327″ size=”full” align=”center” animate=”afb” animate_delay=”0.2″ css=”.vc_custom_1591768921250{border-radius: 35px !important;}”][/vc_column][vc_column width=”2/3″][vc_column_text]बलिया के रहने वाले अजयेन्द्र उर्मिला त्रिपाठी पेशे से एक निजी कंपनी में वेब प्रोग्रामर और सोशल मीडिया रिसर्चर हैं और आजकल दिल्ली मे रहते हैं।

email: mail.ajayendra@gmail.com

Twitter: https://twitter.com/ajayendra_[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row]

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